Tuesday, March 8, 2016

कुछ हरे शेयरों से सावधानी ज़रूरी


बजट हफ्ते की रैली में जहां देश की पांच बड़े दिग्गज कॉरपोरेट घरानों के शेयरों में जहां लाखों करोड़ की बढ़ोतरी हुई वहीं इस रैली में कुछ ऐसे शेयर भी उड़ने लगे जिसके फंडामेंटल्स ज़्यादा मज़बूत नहीं हैं। इन शेयरों में निवेश करने से आम निवेशकों को बचना चाहिए। क्योंकि इन कंपनियों के प्रमोटर्स की 50 फीसदी से ज़्यादा संपत्ति गिरवी पड़ी है।

ऐसी कंपनियों के शेयरो में करीब 20 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है। सुजलॉन एनर्जी, पुंज लॉयड, वी2 रिटेल, एचसीसी, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, क्रॉम्पटन ग्रीब्स, एएनजी इंडस्ट्रीज़, यश पेपर्स जैसे करीब 35 कपंनियां हैं जिसके प्रोमोटर्स की 50 फीसदी से ज्यादा प्रॉपर्टी गिरवी रखी है। इनमें से 6 कंपनियां तो ऐसी हैं जिसके प्रोमोटर्स की 90 फीसदी से ज्यादा प्रॉपर्टी गिरवी रखी है। हालांकि इन शेयरों में भी 7 से 14 फीसदी तेज़ी दर्ज की गई है।

2009 के सत्यम घोटाले के बाद सेबी ने प्रोमोटर्स के लिए गिरवी रखी प्रॉपर्टी की जानकारी देना ज़रूरी कर दिया गया था। छोटे निवेशकों को इन शेयरों से इसलिए भी सावधान रहना चाहिए क्योंकि जब बाज़ार में करेक्शन आता है तो सबसे पहले इन शेयरों का कचूमर निकलता है और इन शेयरों में फंसे लोगों को इनसे बाहर निकलने का मौका नहीं मिल पाता है।

Thursday, August 23, 2012

सोने का भाव 31 हज़ार के पार

सोने की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर जा पहुंची है। दस ग्राम सोने का भाव 31 हजार रुपए को पार कर गया है। शादी के सीजन की शुरूआत होने की वजह से सोने की मांग में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है।

शादियों का सीजन शुरू होते ही सोने की चमक बढ़ने लगी है। साथ ही दुनियाभर में सोने की मांग बढ़ी है जिसका असर भारतीय बाजार में भी देखा जा रहा है।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने का भाव 290 रुपए चढ़कर 31035 रुपए प्रति दस ग्राम के रिकार्ड स्तर पर पहुंच गया है। सोने की कीमतों ने इससे पहले 19 जून को रिकॉर्ड बनाया था। तब प्रति 10 ग्राम सोने का भाव 30750 रुपए पर पहुंच गया था। वहीं गुरुवार को एमसीएक्स में भी सोने का भाव रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वायदा कारोबार में दिसंबर महीने के लिए 10 ग्राम सोने का भाव में 352 रुपए की तेजी दर्ज की गई। जिससे सोने का भाव 31 हजार 29 रुपए जा पहुंचा।

दिनभर के कारोबार के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना 16 हफ्ते के उच्चतम स्तर पहुंच गया। दुनियाभर के दूसरी मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के कमज़ोर होने की वजह से सोने की मांग में तेजी आई है।

Tuesday, August 21, 2012

600 सुरक्षाकर्मियों के साथ 300 कर्मचारी काम पर लौटे


तगड़ी सुरक्षा के बीच मारुति के मानेसर प्लांट में कामकाज आज से शुरू हो गया। मैनेजमेंट ने पांच सौ कर्मचारियों बर्खास्तगी पर कामय है। साथ ही अस्थआई कर्मचारियों की को स्थाई नहीं बनाना चाह रही है। लेकिन मारुति के मानेसर और गुड़गांव प्लांट के कर्मचारी यूनियन इससे खुश नहीं हैं।

मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में एक महीने बाद कामकाज फिर से शुरू हो गया है। 18 जुलाई की हिंसा के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच मारुति सुजुकी का मानेसर प्लांट मंगलवार से खुल गया है। प्लांट में फिलहाल 300 कर्मचारियों ने उत्पादन शुरू किया है। इन कर्मचारियों और प्लांट को 500 पुलिसकर्मियों की तरफ से सुरक्षा दी जा रही है। 300 पुलिसकर्मियों को प्लांट के बाहर और 200 कर्मचारियों को प्लांट के अंदर तैनात किया गया है। इसके साथ ही कंपनी ने एक स्पेशन फोर्स तैयार किया है जिसमें 100 सुरक्षाकर्मी हैं।

पिछले महीने मानेसर प्लांट में हुई हिंसा के बाद कंपनी ने 500 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया था। मारुति के गुड़गांव प्लांट के कर्मचारी यूनियन की तरफ से भी कर्मचारियों को बहाल कराने का मैनेजमेंट पर दबाव है। हालांकि मारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा है कि गुड़गांव प्लांट के यूनियन की तरफ से काम ठप करने की कोई धमकी नहीं मिली है।

साथ ही मारुति सुजुकी के कर्मचारी यूनियन की मांग है कि अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई बनाई जाए। लेकिन कंपनी इसके लिए तैयार नहीं है। मैनेजमेंट ने दलील दी है कि अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किए जाने से मार्जिन पर दबाव पड़ेगा। साथ ही अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के फैसले का असर मारुति सुजुकी के अलावा मानेसर की दूसरी कंपनियों पर भी देखने को मिलेगा।   

बैंकों में दो दिनों की हड़ताल

देशभर में सरकारी बैंकों में अगले दो दिनों तक कामकाज ठप रहेगा। ऑल इंडिया बैंक एम्पलॉय एसोसिएशन ने दो दिनों के हड़ताल का ऐलान किया है। सरकारी बैंक के लाखों कर्मचारी और अधिकारी इस हड़ताल में शामिल होंगे।

सरकारी बैंकों में बुधवार और गरुवार को कामकाज नहीं होगा। क्योंकि ऑल इंडिया बैंक एम्पलॉय एसोसिएशन ने दो दिनों की हड़ताल का ऐलान किया है। इस हड़ताल में 10 लाख से ज्यादा कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे।

इन कर्मचारियों की कई मांगे हैं। जिसमें अहम है सरकारी क्षेत्र के बैंकों का विलय रोकना, स्थाई बैंकिंग नौकरियों का निजी बैंकों से आउटसोर्सिग रोकना, खाली पदों को भरना, मुआवजे के आधार पर पारिवार के सदस्य को नौकरी,  इसके अलावा घर, कार और दूसरे तरह के लोन के लिए दिशा-निर्देश तय करना।

दरअसल बुधवार को संसद में बैंकिंग कानून सुधार बिल पास होना है। बैंक यूनियन का कहना है कि इस बिल के जरिए सरकार सरकारी बैंकों का निजीकरण करना चाह रही है। इस हड़ताल में 27 सरकारी बैंक, 12 पुराने निजी बैंक और 8 विदेशी बैंक शरीक होंगे। इस हड़ताल की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

Monday, August 20, 2012

यूपीए और एनडीए सरकार के दौरान महंगाई

यूपीए के कार्यकाल में महंगाई ने आम लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। लेकिन आश्चर्य की बात है कि यूपीए टू के इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा इस बढ़ती महंगाई से खुश नज़र आ रहे हैं। यूपीए सरकार और एनडीए सरकार के दौरान महंगाई की क्या स्थिति थी दिखाते हैं इस खास रिपोर्ट में।


लगातार बढ़ रही महंगाई ने लोगों के होश उड़ा दिए हैं। आमलोगों की बजट में महंगाई सेंध लगा रही है। लोगों की कमाई पूरी तरह से महंगाई की भेंट चढ़ चुकी है। इस बढ़ती महंगाई को रोकने में यूपीए सरकार पूरी तरह विफल रही है।

एनडीए सरकार में चीनी 16 रुपए प्रति किलो मिलती थी जो कि अब 42 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। वहीं आटा प्रति किलो 10 रुपए में मिलता था जो कि अब 22 रुपए प्रति किलो पर जा पहुंचा है। सरसों तेल 60 रुपए से बढ़कर 130 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। जबकि चावल 19 रुपए से बढ़कर 40 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। अरहर दाल 60 रुपए से बढ़कर 80 रुपए प्रति किलो हो गई है। दूध का भाव 17 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 42 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। प्याज 10 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 30 रुपए प्रति किलो पर जा पहुंचा है। वहीं आलू 5 रुपए से बढ़कर 20 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है। वहीं डीजल 21 रुपए से बढ़कर 42 रुपए और पेट्रोल 33 रुपए से बढ़कर 69 रुपए प्रति लीटर पर जा पहुंचा है।


यूपीए सरकार के दौरान खूब बढ़ी महंगाई

              एनडीए सरकार       यूपीए सरकार
चीनी            16 रु/किलो              42 रु/किलो
आटा            10 रु/किलो              22 रु/किलो
सरसों तेल        60 रु/लीटर             130 रु/लीटर
चावल            19 रु/किलो             40 रु/किलो
अरहर दाल        60 रु/किलो             80 रु/किलो
दूध              17 रु/लीटर             42 रु/लीटर
प्याज            10 रु/किलो             30 रु/किलो   
आलू             5 रु/किलो              20 रु/किलो
डीज़ल           21 रु/लीटर              42 रु/लीटर
पेट्रोल            33 रु/लीटर             69 रु/लीटर

साल दर साल बढ़ रही महंगाई का जवाब यूपीए सरकार के पास नहीं है। इसलिए सरकार अजीबोगरीब बयान देकर इससे बचना चाह रही है। महंगाई के मुद्दे पर पहले तो सरकार कान में तेल डालकर सोई हुई थी। और जब जगी तो इसके लिए दुनियाभर की आर्थिक परिस्थित को जिम्मेदार बता दिया। उसके बाद यूपीए टू की सरकार कम मॉनसून का रोना रोने लगी। और आखिर में तो हद ही हो गया.. जब सरकार के एक केंद्रीय मंत्री ने ये कह दिया कि महंगाई से वो खुश हैं। 

देश की करोड़ों जनता जहां महंगाई की मार से परेशान है वहीं यूपीए सरकार इससे खुश है। इससे सरकार की मंशा जाहिर हो जाती है कि वो सत्ता के मद में पूरी तरह अंधी हो चुकी है और आम लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से मुहं मोड़ चुकी है।

Friday, August 17, 2012

विकास दर से ज्यादा रह सकती है महंगाई दर


इस वित्त वर्ष में देश की जीडीपी विकास दर से ज्यादा महंगाई बढ़ेगी। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी रंगराजन जीडीपी विकास दर का अनुमान 8 फीसदी से घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया है।

देश की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं। आखिरकार सरकार ने भी इस बात को मान लिया है। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद ने वित्त वर्ष 2012- 2013 में जीडीपी विकास दर 6.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है। जबकि इससे पहले प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष सी रंगराजन ने इस वित्त वर्ष में 7.5 से 8 फीसदी विकास दर रहने का अनुमान लगाया था।

इसके साथ ही सरकार ने माना है कि इस साल  महंगाई दर से लोगों को निजात नहीं मिल पाएगी। क्योंकि इस वित्त वर्ष में महंगाई दर 6.5-7 फीसदी रह सकती है। राजकोषीय घाटा कम करने के लिए सी रंगराजन ने डीज़ल पर दी जाने वाली सब्सिडी को हटाने की वकालत की है। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी माना है कि खराब मॉनसून और दुनियाभर की आर्थिक परिस्थितियों का असर भारत की आर्थिक विकास पर दिखाई देगा।

मूडीज, स्टैडर्ड एंड पुअर्स जैसे कई अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने पहले ही भारत की आर्थिक विकास दर का अनुमान घटा दिया है। जिसको मानने के लिए सरकार तैयार नहीं हो रही थी लेकिन अब सरकार को भी आखिरकार अनुमान घटाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

Thursday, August 16, 2012

21 अगस्त से मारुति के मानेसर प्लांट में काम शुरू होगा


कार बनाने वाली देश की सबसे बड़ी कंपनी मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में एक बार फिर से काम शुरू होगा। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर सी भार्गव ने कहा कि 21 अगस्त से काम शुरू हो जाएगा। कंपनी ने काम शुरू करने से पहले 500 नियमित कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।

एक महीने की तालाबंदी के बाद 21 अगस्त से मारुति सुजुकी के मानेसर प्लांट में प्रोडक्शन शुरू होगा। सुरक्षा के लिए हरियाणा सरकार कंपनी प्रबंधन को आश्वस्त किया है। प्लांट को पूरी तरह छावनी में तब्दील कर दिया जाएगा। करीब 500 से 600 पुलिसकर्मी प्लांट में तैनात किए जाएंगे। लेकिन ये देखने वाली बात होगी कि प्लांट में सुचारू रूप से काम हो पाएगा या नहीं। क्योंकि मैनेजमेंट ने 500 नियमित कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।

मानेसर प्लांट से हर साल करीब 5.5 लाख गाड़ियां बनकर निकलती है। जिसमें स्विफ्ट, स्विफ्ट डिजायर, एसएक्स 4 और ए-स्टार शामिल हैं। लेकिन पिछले महीने प्लांट में मैनेजमेंट और कर्मचारियों के बीच झगड़े में जीएम एचआर की मौत हो जाने के बाद प्लांट में तालाबंदी कर दी गई थी। मारुति के मानेसर प्लांट में कुल 3000 कर्मचारी है। जिसमें से 1600 नियमित कर्मचारी हैं। इसके अलावा 700 मैनेजर लेवल के अधिकारी हैं।

लेकिन जिस तरह से कर्मचारियों को तमाम मज़दूर संघ का समर्थन मिल रहा है। उसे देखने से ऐसा लग रहा है कि प्रोडक्शन की शुरूआत करने में मारुति सुजुकी को परेशानी हो सकती है।