Friday, January 29, 2010

क्रेडिट पॉलिसी की घोषणा

आरबीआई ने तीसरी तिमाही की मौद्रिक नीति की समीक्षा में सीआरआर 0.75 फीसदी बढ़ाने का फैसला किया है। आरबीआई सीआरआर यानी कैश रिजर्व रेशियो में दो चरणों में बढ़ोतरी करेगा। 13 फरवरी को पहली चरण में 0.50 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। जबकि 27 फरवरी को दूसरे चरण में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी। जिसके बाद सीआरआर 5 फीसदी से बढ़कर 5.75 फीसदी पर पहुंच जाएगा। आरबीआई के इस कदम से सिस्टम से 36000 करोड़ रुपए बाहर हो जाएंगे। आरबीआई के इस क्रेडिट पॉलिसी में बढ़ती महंगाई का दबाव साफतौर पर दिखा। महंगाई पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ही आरबीआई ने सीआरआर में बढ़ोतरी की है। हालांकि एसबीआई,आईडीबीआई और यस बैंक जैसे कई बैंकों ने फिलहाल आश्वासन दिया है कि आरबीआई के इस कदम के बाद भी वे ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करेंगे। क्योंकि उनके पास फिलहाल लिक्विडिटी(फंड)की कोई समस्या नहीं है। लेकिन जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में कर्ज महंगे हो सकते हैं। कर्ज महंगे होने का मतलब है लोगों के घर और कार सहित कई सपने अधूरे रह जाएंगे। जिन लोगों ले पहले से ही घर ले रखा है और ईएमआई दे रहे हैं। हो सकता है आने वाले दिनों में हर महीनें उन्हें ज्यादा ईएमआई भरना पड़े। इस क्रेडिट पॉलिसी में आरबीआई ने रेपो रेट, रिवर्स रेपो रेट सहित दूसरी दरों को नहीं छुआ है। वे जस के तस बने हुए हैं। यानी कि रेपो रेट 4.75 फीसदी, रिवर्स रेपो रेट 3.25 फीसदी, बैंक रेट 6 फीसदी और एसएलआर 25 फीसदी पर बने रहेंगे। सीआरआर बढ़ने से विकास दर पर कुछ असर जरुर पड़ेगा ऐसा मानना है जानकारों का। लेकिन रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2009-2010 में जीडीपी विकास दर के अनुमान को 6 फीसदी से बढ़ाकर 7.5 फीसदी कर दिया है। साथ ही रिजर्व बैंक को अनुमान है कि इस वित्त वर्ष के अंत तक होलसेल पर आधारित महंगाई दर को 8.5 फीसदी रहने का अनुमान हो जो फिलहाल सात पीसदी से ऊपर है। आबीआई ने कहा है कि इस साल जुलाई महीने से महंगाई दर में कमी की शुरूआत हो जाएगी। हालांकि विश्व की अर्थव्यवस्था अभी पूरी तरह से मंदी से बाहर नहीं निकल पाई है। और अगर दुनिया के कुछ देशों में समय से पहले स्टीम्युलस पैकेज वापस लेने शुरू कर दिए तो स्थिति फिर से खराब हो सकती है। साथ ही इस साल मॉनसून अच्छी नहीं रहे और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमत आसमान पर यानी 100 डॉलर से ऊपर पहुंच जाए तो महंगाई इस साल भी लोगों को रुलाती रहेगी।