Wednesday, March 31, 2010

एचटीसी का सस्ता स्मार्ट फोन

भले ही प्राइवेट टेलकॉम ऑपरेटर्स को अभी थ्री जी स्पेक्ट्रम नहीं मिली है। लेकिन ऑपरेटर्स ने थ्री जी सर्विस के लिए ग्राहकों को लुभाने की कोशिश शुरु कर दी है। इसके तहत देश के सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर्स एयरटेल ने लांच कर दिया है सस्ता स्मार्ट फोन एचटीसी स्मार्ट। भारती एयरटेल ने ताइवानी कंपनी एचटीसी और अमेरिकी चिप बनाने वाली कंपनी के साथ मिलकर लांच किया है ये हाइएंड फोन एचटीसी स्मार्ट। टचस्क्रीन वाले इस मोबाइल में लगा है ब्र्यू ऑपरेटिंग सिस्टम। जिसके जरिए हाई स्पीड इंटरनेट का मजा लिया जा सकता है। भारती एयरटेल को उम्मीद है कि थ्री जी स्पेक्ट्रम की नीलामी के 6 से 8 महीनों के अंदर थ्री जी सर्विस की शुरुआत हो जाएगी। और तब इस फोन पर लोग थ्री जी सर्विस का मजा ले पाएंगे। एचटीसी स्मार्ट मोबइल फोन के जरिए फेसबुक और ट्वीटर जैसे सोशल नेटवर्किंग साइट पर एक साथ मैसेज भेजा जा सकता है। एक बटन दबाते ही इसके स्क्रीन पर क्वर्टी की पैड आ जाता है। जिससे ईमेल,एसएमएस या मैसेज टाईप करना हो जाता है काफी आसान। आपने अपने किस दोस्त से टेक्स्ट, ईमेल या फेसबुक के जरिए कितनी बातें की है वो सभी आप इस फोन में एक साथ देख सकते हैं। तमाम आधुनिक खूबियों से लैस इस फोन की कीमत है 9990 रुपए। इसे केवल एयरटेल के ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है। हालांकि बाजार में इससे भी सस्ते कई चाइनीज और देशी मोबाइल मौजूद हैं जिसमें इससे मिलती जुलती सारी सुविधाएं हैं। ऐसे ग्राहक इसे कितना पसंद करते हैं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

Monday, March 15, 2010

अमेरिका में भारतीय निवेश

अमेरिका में सबसे ज्यादा निवेश करने वाले देशों की लिस्ट में भारत का नाम तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। साल 2004 से साल 2008 के बीच अमेरिका में तेजी से निवेश करने वाले देशों में भारत दूसरे पायदान पर पहुंच गया है। वहीं पहले स्थान पर है संयुक्त अरब अमीरात। अब से पहले अमेरिका में सबसे ज्यादा तेजी से निवेश करने वाले देशों में यूरोपीय देश प्रथम होते थे। लेकिन समय के साथ साथ सबकुछ बदल रहा है। आज दुनिया के पांच सबसे अमीर लोगों में दो भारतीय हैं। साल 2004 से साल 2008 के बीच अमेरिका में संयुक्त अरब अमीरात का निवेश ग्रोथ 230 फीसदी रहा। वहीं इस दौरान भारत 64 फीसदी ग्रोथ के साथ अमेरिका में निवेश करने में दूसरे स्थान पर रहा। हालांकि अमेरिका में कुल विदेशी निवेश की बात करें तो अभी भी यूरोपीय देश इसमें अव्वल हैं। क्योंकि अमेरिका में कुल विदेशी निवेश के करीब 62 फीसदी हिस्से यूरोपीय देशों से आए हैं। जिसमें स्वीटजरलैंड,यूके,जर्मनी,फ्रांस और स्पेन का सबसे बड़ा योगदान है। वहीं दूसरी पंक्ति में हैं जापान,कनाडा और ऑस्ट्रेलिया। लेकिन अब बहुत तेजी से भारत और चीन जैसे एशिया के दूसरे देशों से अमेरिका में निवेश की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में आने वाले दिनों में ठीक वैसे ही अमेरिका में भारतीय कंपनियों की तूती बोल सकती है जैसे अभी अमरीकी कंपनियों की दुनिया के दूसरे देशों में बोल रही है। यही नहीं, अमेरिका के टॉप बिजनेस स्कूलों से एमबीए की डिग्री लेकर निकले युवा नौकरी के लिए भारत सहित दूसरे एशियाई देशों का रुख कर रहे हैं। क्योंकि मंदी की दौर में वॉल स्ट्रीट की चमक फीकी पड़ने के बाद हालात बदल गए हैं। अब बड़ी संख्या में अमेरिका के एमबीए डिग्रीधारी युवा भारत और चीन में नौकरी पाना चाहते हैं।

महंगाई की मार बरकरार

सरकार के तमाम कोशिशों के बावजूद महंगाई दर में तेजी जारी है। तूफान की तरह बढ़ रही है महंगाई। लोग लाचार हैं। संसद में एक अरब जनता के भूख से ऊपर महिला बिल की चिंता नेताओं को सता रही है। बजट सत्र में महंगाई की समस्या शुरुआती दौर में उठा जरुर लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसपर महिला बिल हाबी हो गया। ऐसे में महंगाई की मार खाने अलावा लोगों के पास दूसरा कोई चारा नहीं है। फरवरी महीने में महंगाई दर 9.89 फीसदी पर पहुंच गई है। जो कि 16 महीनों का उच्चतम स्तर है। जनवरी महीने में महंगाई दर 8.56 फीसदी थी। बजट में पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने की वजह से खाने-पीने के ज्यादातर सामान और महंगे हो चुके हैं। पिछले साल के मुकाबले चीनी की कीमतें 55.47 फीसदी बढ़े हैं। वहीं आलू करीब 30 फीसदी महंगे हुए हैं। पिछले एक साल में दाल की कीमतों में 35.58 फीसदी का इजाफा देखा जा रहा है। रिजर्व बैंक ने 8.5 फीसदी महंगाई दर रहने का अनुमान लगाया था। लेकिन पिछले ही महीने महंगाई दर इस सीमा को पार कर चुकी है। आरबीआई ने क्रेडिट पॉलिसी की तिमाही समीक्षा में सीआरआर में 0.75 फीसदी का इजाफा किया था। जिससे सीआरआर 5 फीसदी से बढ़कर 5.75 फीसदी पर पहुंच गया। इससे बाजार से करीब 36000 करोड़ रुपए बाहर हो गए। लेकिन इसके बावजूद महंगाई रुक नहीं पा रही है। अगर सरकार अभी भी नहीं जागी तो आने वाले दिनों में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुवानों में इसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ेगा।

Thursday, March 11, 2010

दुनिया में सबसे अमीर कौन...

दुनियाभर के धनकुबेरों में भारत की बोल रही है तूती। भले ही दुनिया का सबसे अमीर सख्श भारतीय नहीं है लेकिन दुनिया के 5 सबसे अमीर लोगों में 2 भारतीय शुमार हैं। मैक्सिको के अरबपति कार्लोस स्लिम दुनिया के सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। कार्लोस ने धनी व्यक्तियों की सूची में बिल गेट्स को पछाड़कर नंबर वन की कुर्सी पर कब्जा किया। अमरीकी पत्रिका फोर्ब्स की नई सूची के मुताबिक कार्लोस इस समय दुनिया के सबसे धनी व्यक्ति हैं। उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स को दूसरे नंबर पर खिसका दिया है। (नंबर वन, कार्लोस स्लिम हेलू,53.5 अरब डॉलर की संपत्ति, टेलीकॉम टायकून, मैक्सिको) (नंबर टू, बिल गेट्स,53 अरब डॉलर की संपत्ति, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक, अमेरिका) (नंबर थ्री, वारेन बफेट,47 अरब डॉलर की संपत्ति, इन्वेस्टमेंट गुरु, अमेरिका) (नंबर फोर, मुकेश अंबानी,29 अरब डॉलर की संपत्ति, आरआईएल के चेयरमैन, भारत) (नंबर फाइव, लक्ष्मी मित्तल,28.7 अरब डॉलर की संपत्ति, स्टील किंग, भारतीय मूल के) हालांकि, अभी भी अमरीका में अरबपतियों की संख्या सबसे ज्यादा हैं। सूची में अमरीका के 403 अरबपति शामिल हैं। जबकि 234 लोग एशिया से हैं। वर्ष 2010 की लिस्ट में 97 नए लोग शामिल हुए जिसमें से 62 सिर्फ एशिया से हैं।