हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियां अब अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। क्योंकि अब आप अपनी हेल्थ पॉलिसी बदले बिना इंश्योरेंस कंपनी बदल सकते हैं। आज से हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेब्लिटी लागू हो गई है।
अगर आप किसी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की सर्विस से खुश नहीं हैं तो आप दूसरी कंपनी में अपनी वही पॉलिसी जारी रख सकते हैं। मोबाइल नंबर पोर्टेब्लिटी की तरह ही हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेब्लिटी लागू आज से लागू हो गया है।
पोर्टेबिलिटी के तहत अपनी इंश्योरेंस कंपनी बदलने के लिए अपनी पॉलिसी रिन्यूवल के 45 दिन पहले नई इंश्योरेंस कंपनी को अर्जी देनी होगी। अर्जी के 7 दिनों के अंदर नई इंश्योरेंस कंपनी आपकी पुरानी इंश्यारेंस कंपनी से आपके बारे में और जानकारी मांग सकती है। पुरानी इंश्योरेंस कंपनी को 7 दिन में जानकारी देना जरूरी होगा। इसके बाद नई इंश्योरेंस कंपनी आपकी दी गई जानकारी के आधार पर पॉलिसी जारी कर देगी। पोर्टेब्लीटी की अर्जी के 15 दिनों तक अगर नई इंश्योरेंस कंपनी आप से कोई संपर्क नहीं करती है तो इसका मतलब होगा की आपकी अर्जी मंजूर कर ली गई है। यानी कि 15 दनों के बाद कंपनी उसे रिजेक्ट नहीं कर सकती। अगर आपकी पॉलिसी की रिन्यूवल तारीख आ गई है और आपकी पोर्टेबिलिटी की अर्जी मंजूरी नही हुई तो आप अपनी मौजूदा इंश्योरेंस कंपनी से 1 महीने के लिए पॉलिसी की तारीख बढ़ाने के लिए कह सकते हैं।
हेल्थ इंश्योरेंस पोर्टेब्लिटी के लागू होने से हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों पर अच्छी सर्विस देने का दबाव बढ़ जाएगा। साथ ही हर कंपनी चाहेगी की वो दूसरी कंपनी से बेहतर सुविधा दे। जो कि ग्राहकों के लिए फायदेमंद है।
