कमाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
कमाई लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शुक्रवार, 17 फ़रवरी 2012

दिल्ली में कमाई से ज्यादा खर्चे बढ़े

दिल्ली में रहने वाले लोगों की कमाई भले ही देश के दूसरे राज्यों से ज्यादा हो। लेकिन ये कमाई उनका बैंक बैलेंस नहीं बन पा रहा है। क्योंकि ना चाहते हुए भी कमाई का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य, बच्चों की शिक्षा और रेंट पर उन्हें खर्च करना पड़ता है।

दिल्ली में परिवार साल दर साल छोटा होता जा रहा है। लेकिन उनके खर्चे बढ़ते जा रहे हैं। इसी का नतीजा है कि ज्यादा कमाई करने के बावजूद दिल्ली के लोग खर्चे से परेशान रहते हैं। कमाई का एक बड़ा हिस्सा दिल्ली में रहने वालों को हॉस्पिटल, बच्चों के ट्यूशन फीस, रेंड और फूड पर खर्च करना पड़ता है। प्रदूषण, मिलावटी खाद्य पदार्थों और गलत लाइफ स्टाइल ने दिल्लीवासी का हॉस्पिटल बिल बढ़ा दिया है। पिछले 6 सालों में महंगाई ने दिल्ली वालों की कमर तोड़ दी है।

- हॉस्पिटल बिल 240 फीसदी बढ़ा है।
- दबाईयां और हॉस्पिटल के बाहर टेस्ट के खर्चे में 129 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
- मकान किराए में 186 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
- बच्चों की पढ़ाई और ट्यूशन फीस 126 फीसदी बढ़ा है।

दिल्ली वालों को कमाई का 36 फीसदी खान-पान पर खर्च करना पड़ता है। वो भी तब...जब दिल्ली में परिवार सिकुरते जा रहे हैं। एक परिवार में लोगों की औसत संख्या घटकर 4.5 लोगों की रह गई है। ऐसे में भले ही सरकार ही दिल्लीवालों की बढ़ती कमाई का ढ़िढोरा पीट रही हो। लेकिन सच्चाई ये है कि बढ़ती कमाई के बावजूद दिल्लीवालों को महीने के आखिर तक कुछ नहीं बचता।

बुधवार, 21 मई 2008

ब्लॉग से करें कमाई



ज्यादा से ज्यादा लोंगों तक अगर अपनी बात सीधी पहुंचानी हो तो ब्लॉग से बेहतर कोई और दूसरा जरिया नहीं हो सकता। और तुरंत उसपर फर्स्टहैंड रिएक्शन भी मिल जाता है। आखिर क्या है ब्लॉगिंग?

इक्कीसवीं सदी के महानायक यानी बिग बी अमिताभ बच्चान हों या मिस्टर पर्फेक्शनिस्ट आमिर खान ब्लॉग की जादू से नहीं बच पाए। ब्लॉग कम्युनिकेशन का एक ऐसा जरिया है जिससे अपनी दिल की बात सीधा दूसरों के पास पहुंचाया जा सकता है। साथ ही दुनिया के किसी भी मुददे पर अपनी बेबाक राय रखी जा सकती है। क्योंकि ब्लॉग लिखने वाला खुद ही एडिटर होता है खुद ही मालिक होता है। इसलिए उसे अपनी स्टोरी पर कैंची चलने का डर नहीं सताता है। साथ ही वो दुनिया की किसी बुराई के खिलाफ खुलकर लिख सकता है।

दुनियाभर के फिल्मी हस्तियों के अलावे कई जाने माने पत्रकार अपनी ब्लॉग चलाते हैं। एक अमेरिकी पत्रकार ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों के अत्याचार को जब अपने पोस्ट में प्रकाशित करना चाहा। तो उसे एडिटर के विरोध का सामना करना पड़ा। इसके बाद उसने नौकरी रिजाइन कर अपना ब्लॉग शुरू किया। जहां आज लाखों लोग विजिट करते हैं। यानी ब्लॉग की सच्चाई अब हर किसी को समझ में आने लगी है।

बिग ब्लॉगर

तभी तो सदी के महानायक हर दिन ब्लॉग लिख रहे हैं। और कुछ महीनों में ही बिग बी अमिताभ बच्चन ब्लॉग के भी बादशाह हो गए हैं। आज उनके ब्लॉग, ब्लॉग्स डॉट बिग अड्डा डॉट कॉम पर हर दिन लाखों लोग विजिट करने लगे हैं। 500 से हजार लोगों की तो कमेंट्स उन्हें हर दिन पढ़ने को मिल जाता है।

मल्लिका-ए-ब्लॉग

लेकिन ब्लॉग की मल्लिका कहा जाता है चीनी अभिनेत्री शू चिंगलइ को। शू चिंगलाइ चीनी भाषा में ब्लॉग लिखती हैं। वो मात्र 33 साल की हैं लेकिन अपने अभिनय, गायन,निर्देशन और बलॉगिंग के जरिए लाखों लोगों के दिलों पर राज करती हैं। केवल पौने दो सालों में शू के ब्लॉग को साढे 10 करोड़ लोगों ने पढ़ा है।

आजकल कई कंपनियां ब्लॉग के जरिए अपने उत्पादों को प्रमोट कर रही हैं। और बाकायदा ब्लॉग लिखने वालों को नौकरी पर रख रही हैं। दूसरी नौकरियों में भी ब्लॉग का बहुत अहम स्थान बना गया है। नौकरी की तलाश करने वाला कोई आदमी अगर ब्लॉग लिखता है तो एचआर डिपार्टमेंट ब्लॉग पढ़कर नौकरी पाने वालों की अच्छाई और बुराई को अच्छी तरह से जान लेता है। उसके बाद तय करता है कि नौकरी उसके लायक है या नहीं।

ब्लॉग कमाई का भी एक जरिया बन गया है। बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने एड उन ब्लॉग को देते हैं जो ज्यादा से ज्यादा पढ़े जाते हैं। हालांकि कुछ लोग ब्लॉग को स्पॉयल कर भी कमाई कर रहे हैं। इस तरह की कमाई करने वाले लोगों को स्पलॉगर कहते हैं। स्पलॉगर वो होते है जो फर्जी नामों से हजारों ब्लॉग तैयार करते हैं और उनपर कहीं कहीं से चोरी कर अपना पोस्ट डालते रहते हैं। और उनपर आने वाले एड से लाखों की कमाई करते हैं। हालांकि हमलोग भी किसी आर्टिकल को अच्छी तरह लिखने के लिए इधर उधर से जानकारी जुटाते हैं। जैसा कि मैने इस लेख को लिखने के लिए कुछ जानकारी देश-दुनिया डॉट ब्लॉग स्पॉट डॉट कॉम से जुटाई है। लेकिन स्पलॉगर केवल कॉपी पेस्ट कर अपना काम चला लेते हैं।

आज ब्लॉग को कई तरह की भाषाओं में एक क्लिक मात्र से ट्रांसलेट किया जा सकता है। जिससे इसकी पहुंच कई गुणा बढ़ गई है। आपके ब्लॉग दुनिया के किस कोने में देखी जा रही है। इसे जानने के लिए भी कई फ्री टूल्स इंटरनेट पर उपलब्ध है। जिससे आपको ये अंदाजा लग जाएगा कि आपका ब्लॉग दुनिया के किस कोने तक पहुंच रखता है।

आज का जमाना पालतू लोगों के लिए बना है। जिसे आप फालतू भी कह सकते हैं। अगर आपको विश्वास न हो तो ऑफिस में अपनी चारों ओर नजर घुमा कर देख लीजिए। आपको लगेगा की हर कुर्सी से चिपका हुआ है एक पालतू आदमी। अपनी अपनी नौकरी बचाने के चक्कर में। सही को गलत बोल रहा है। हंसी न आने पर भी हंस रहा है। क्योंकि उसका बॉस हंस रहा होता है। ऐसे में ब्लॉग एक क्रांति से कम नहीं है। कम से कम अपनी बात खुलकर यहां रखा तो जा ही सकता है। साथ ही अगर आप अच्छी बातें लिखते हैं तो इतना तय है कि आने वाले दिनों में आपकी कमाई भी होने लगेगी। क्योंकि आपके ब्लॉग पर होने वाली हर क्लिक को कोई देख रहा है। जो वहां अपना एड देने को बेताब है।