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शुक्रवार, 14 अक्टूबर 2022

भारतीय बाजार में आज दिख सकती है जबरदस्त तेजी!

कल यानी गुरुवार को DOW JONES में 827 प्वाइंट और NASDAQ में 232 प्वाइंट की तेजी देखी गई वहीं DOW JONES निचले स्तरों से करीब 1500 प्वाइंट ऊपर बंद हुआ। वहीं S&P 2.5% से ज्यादा की उछाल के साथ 3669 पर बंद हुआ। मार्च 2020 के बाद US मार्केट में रिकॉर्ड इंट्राडे तेजी दर्ज की गई है। फाइनेंशियल, एनर्जी और टेक सेक्टर में जबरदस्त 3% की बढ़त देखी गई। वहीं सभी 11 सेक्टर्स में तेजी का आलम रहा। अमेरिकी बाजार में 71% शेयरों में तेजी दिखी वहीं 68% शेयर 200 DMA के नीचे कारोबार करता दिखा। कच्चे तेल में एक बार फिर से  उबाल दिखने लगा है। ब्रेंट क्रूड 2% चढ़कर 95 डॉलर के करीब जा पहुंचा है।

 


अगर महंगाई की बात करें तो इससे अमेरिकी लोगों को राहत नहीं मिली है। सिंतबर में रिटेल महंगाई दर अनुमान से ज्यादा बढ़ी है। 8.1% अनुमान के मुकाबले अमेरिकी रिटेल महंगाई दर 8.2% बढ़ी (MoM) जबकि कोर महंगाई दर 40 साल के शिखर 6.6% पर पहुंच गई है। हम आपको बता दें कि कोर महंगाई दर में खाद्य, एनर्जी की महंगाई शामिल नहीं होते हैं।

 

 

भारत की 10 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनने की क्षमता: Pierre-Olivier

 

IMF ने भारत को दुनिया का चमकता सितारा कहा है। अंतरराषट्रीय मुद्रा फंड की एमडी ने भारत को

अधेरे में रोशनी की किरण कहा है। IMF के चीफ अर्थशास्त्री ने कहा कि मुश्किल दौर में भी भारतीय अर्थव्यवस्था ने मिसाल कायम की है। भारतीय अर्थव्यवस्था 10 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है। हालांकि इसके लिए भारत को हेल्थ और एजुकेशन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। IMF के चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर और एमडी ने एक शुर में भारतीय अर्थव्यवस्था की तारीफ के पुल बांधे हैं। 

 

मंदी की आशंका से घिरी ग्लोबल अर्थव्यवस्था में भारत चमकता सितार: Kristalina Georgieva

हालांकि अभि पिछले ही हप्ते IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास की गति का अनुमान धीमी करते हुए वित्त वर्ष 2023 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट 6.8 परसेंट से  0.7 परसेंट घटाकर 6.1 परसेंट कर दिया था। IMF ने कहा कि इंफ्रा और डिजिटलाइजेशन  क्षेत्र में भारत नें अभूतपूर्व काम किए हैं और अब मानव संसाधन की ओर ज्यादा से ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। IMF ने कहा कि मुश्किल वक्त में भारत ने मिसाल कायम की है और दुनिया को भारत से सीखने की जरूरत है। साथ ही भारत में $10 ट्रिलियन इकोनॉमी बनने की क्षमता है।

 


 

कुल मिलाकर भारतीय बाजार के लिए आज सारे पारामीटर्स शुभ हैं। ऐसे में हम आज भारतीय बाजार में जबरदस्त तेजी देख सकते हैं।

 

शुक्रवार, 1 जुलाई 2022

विंडफॉल टैक्स से देश में नहीं होगी पेट्रोल-डीजल की कमी

 



 

गेहूं, चावल, चीनी, प्याज के एक्सपोर्ट पर सख्ती के बाद सरकार ने पेट्रोल-डीजल के एक्सपोर्ट पर भी टैक्स बढ़ा दिया है। ताकि देश में पेट्रोल-डीजल की कमी ना हो। अब आप सोच रहे होंगे कि जब हम अपनी इस्तेमाल का 80 फीसदी तेल विदेशों से आयात करते हैं ऐसे में एक्सपोर्ट पर टैक्स का क्या मतलब है। दरअसर हमारे यहां कई सरकारी और निजी तेल रिफाइनरी कंपनियां हैं जो कि विदेशों या देश से निकले कच्चे तेल को रिफाइन कर विदेशी बाजारों में बेचेते हैं। लेकिन डीजल पर 6 रुपए प्रति लीटर और पेट्रोल पर 13 रुपए प्रति लीटर एस्सपोर्ट टैक्स बढ़ने से देशी तेल रिफाइनर कंपनियं घरेलू बाजार में ही अपना माल बेचने को मजबूर होंगी।

इसके साथ ही सरकार ने देश में निकलने वाले कच्चे तेल पर भी 23230 रुपए प्रति टन अलग से विंडफॉल टैक्स लगा दिया है। ये विंडफॉल टैक्स उन कंपनियों पर लगाया गया जिनका सलाना उत्पादन 20 लाख प्रति बैरल से ज्यादा है।

हम आपको बता दें कि रूस-यूक्रेन यूद्ध और दूसरी परिस्थितियों की वजह से इस साल कच्चे तेल की कीमतों में करीब 50 फीसदी के तेजी आई है। यही नहीं महंगे तेल का फायदा खासकर देश की प्राइवेट रिफाइनर कंपनियां खूब उठा रही हैं। पिछले कुछ महीनों से ये कंपनियों अमेरिका और यूरोपीय देशों को पेट्रोल-डीजल निर्यात कर काफी अच्छी कमाई कर रही थीं। और देश में पेट्रोल-डीजल की इन्वेंट्री खत्म होने के करीब पहुंच चुकी थी। अभी पिछले महीने ही ब्रिटेन ने तेल और गैस कंपनियों की प्रॉफिट पर 25 फीसदी विंडफॉल टैक्स लगाने का ऐलान किया था। इसके बाद ही भारत में भी इस तरह के टैक्स की लगने की संभावना शुरू हो गई थी। इन दोनों टैक्स से पेट्रोल और डीजल के घरेलू रिटेल कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।