लगातार कर्ज महंगा होने का सिलसिला थम गया है। आरबीआई यानी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्रेडिट पॉलिसी की तिमाही समीक्षा के दौरान अहम दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। यानी होम लोन, कार लोन सहित तमाम तरह के कर्ज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।
मौद्रिक नीति समीक्षा के दौरान रिजर्व बैंक ने कर्ज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इससे लगातार बढ़ रहे कर्ज दरों पर विराम लग गया है। खाद्य महंगाई दर के कुछ हद तक काबू में आने की वजह से आरबीआई ने ये कदम उठाया है।
अहम दरों में बदलाव नहीं होने की वजह से रेपो रेट 8.5 फीसदी, रिवर्स रेपो रेट 7.5 फीसदी और सीआरआर 6 फीसदी पर बनी हुई है।
महंगाई पर लगाम लगाने आरबीआई ने पिछले करीब 20 महीनों में 13 बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की थी। जिसका बुरा असर उद्योगों पर साफ दिखने लगा है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में आई तेज गिरावट पर आरबीआई ने चिंता जताई है। रिजर्व बैंक ने कहा है कि वे स्थिति पर नजदीक से नजर बनाए हुए है। ताकि परिस्थिति के अनुसार समय-समय पर रुपए को सहारा देने के लिए उचित कदम उठाया जा सके। हालांकि रिजर्व बैंक ने ये नहीं साफ किया कि ब्याज दरों में कटौती कब से शुरू होगी। लेकिन इतना जरूर आश्वासन जरूर दिया कि आर्थिक तंत्र में नकदी की तंगी नहीं होने दी जाएगी।
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शुक्रवार, 16 दिसंबर 2011
शुक्रवार, 16 सितंबर 2011
रेपो और रिवर्स रेपो रेट 0.25% बढ़ा
आम लोगों का हाल बेहाल हो चुका है। पहले महंगाई ने मारा, फिर पेट्रोल की कीमतों ने और अब महंगे कर्ज की आ गई बारी। रिजर्व बैंक ने कर्ज महंगा कर दिया है। यानी की आने वाले दिनों अगर आप घर या कार खरीदने की सोच रहे थे। तो हो सकता है अब आपकी सोच ना पूरी हो पाए। क्योंकि हर तरह के कर्ज महंगे हो जाएंगे।
देश में आम लोगों का हाल दिन ब दिन बद से बदतर होती जा रही है। पहले से ही लोग महंगाई की मार झेल रहे हैं। इसके बाद सरकार ने पेट्रोल की कीमतों में इजाफा कर दिया। और अब रिजर्व बैंक ने कर्ज महंगे कर दिए। यानी की जीने के लिए अगर आप कर्ज का सहारा लेने की सोच रहे हैं। तो भूल जाइए। क्योंकि आने वाले दिनों में कर्ज और महंगे हो जाएंगे। आपकी ईएमआई बढ़ जाएगी।
रिजर्व बैंक ने रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है। रेपो रेट 8 फीसदी से बढ़कर सवा 8 फीसदी पर पहुंच चुका है। वहीं रिवर्स रेपो रेट 7 फीसदी से बढ़कर सवा 7 फीसदी पर पहुंच गया है।
रेपो रेट के बढ़ने से होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन सहित हर तरह के कर्ज महंगे हो जाएंगे। हालांकि रिजर्व बैंक ने महंगाई पर लगाम लगाने के लिए ये कमद उठाए हैं। लेकिन महंगाई है कि रुकने का नाम ही नहीं ले रही है। फिलहाला खाद्य महंगाई दर और होलसेल महंगाई दर 10 फीसदी के करीब है। महंगाई पर लगाम लगाने के लिए पिछले 18 महीनों में रिजर्व बैंक ने 12 बार अहम दरों में इजाफा किया है। जिसका असर महंगाई पर कम देश की ग्रोथ पर ज्यादा दिख रहा है। औद्योगिक विकास दर दो साल के निचले स्तर पर पहुंच चुका है। जीडीपी विकास दर पिछले साल की पहली तिमाही के 8.8 फीसदी से स्तर से घटकर इस साल की पहली तिमाही में 7.7 फीसदी पर पहुंच चुकी है। अगर इसी तरह महंगाई बढ़ती रही और विकास दर घटती रही तो देश के सामने आने वाले दिनों में गंभीर संकट पैदा हो सकता है।
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