अब बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों पर आप आसानी से नजर रख सकेंगे। और सही मायने में जान पाएंगे कि दो साल पहले तक अपना आईपीओ लाने वाली कंपनी कितनी तरक्की कर रही है। या लुढ़ककर लिस्टिंग प्राइस से भी नीचे पहुंच चुकी है। क्योंकि बीएसई ने शुरू कर दिया है आईपीओ इंडेक्स। जिसमें वैसी कंपनियां शामिल होंगी जिसका लिस्टिंग के दिन मार्केट कैप होगी कम से कम 1 अरब रुपए। फिलहाल आईपीओ इंडेक्स में करीब 50 कंपनियों को शुमार किया गया है।
जिसमें पहले नंबर पर है रिलायंस पावर। रिलायंस पावर का इस इंडेक्स में 18.40 फीसदी हिस्सेदारी है। आईपीओ इंडेक्स में दूसरे नंबर पर है पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन। जिसकी हिस्सेदारी 16.68 फीसदी है। तीसरे नंबर पर है मुंद्रा पोर्ट। मुंद्रा पोर्ट की इस इंडेक्स में 10.39 फीसदी हिस्सेदारी है। हाल ही लिस्ट हुई अदाणी पावर चौथे नंबर पर है। अदाणी पावर की आईपीओ इंडेक्स में 8.28 फीसदी की हिस्सेदारी है। 8.23 फीसदी हिस्सेदारी के साथ पांचवें नंबर पर है आरईसी यानी ग्रामीण विद्युतीकरण निगम।
आईपीओ बाजार में 18 महीनों बाद कुछ रौनक लौटी है। और ऐसी उम्मदी की जा रही है कि आने वाले दिनों में कई सरकारी और निजी कंपनियां बाजार में लिस्ट होंगी। ऐसे में आईपीओ इंडेक्स निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
गुरुवार, 27 अगस्त 2009
आईपीओ इंडेक्स की शुरुआत
अब बाजार में लिस्ट होने वाली नई कंपनियों पर आप आसानी से नजर रख सकेंगे। और सही मायने में जान पाएंगे कि दो साल पहले तक अपना आईपीओ लाने वाली कंपनी कितनी तरक्की कर रही है। या लुढ़ककर लिस्टिंग प्राइस से भी नीचे पहुंच चुकी है। क्योंकि बीएसई ने शुरू कर दिया है आईपीओ इंडेक्स। जिसमें वैसी कंपनियां शामिल होंगी जिसका लिस्टिंग के दिन मार्केट कैप होगी कम से कम 1 अरब रुपए। फिलहाल आईपीओ इंडेक्स में करीब 50 कंपनियों को शुमार किया गया है।
जिसमें पहले नंबर पर है रिलायंस पावर। रिलायंस पावर का इस इंडेक्स में 18.40 फीसदी हिस्सेदारी है। आईपीओ इंडेक्स में दूसरे नंबर पर है पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन। जिसकी हिस्सेदारी 16.68 फीसदी है। तीसरे नंबर पर है मुंद्रा पोर्ट। मुंद्रा पोर्ट की इस इंडेक्स में 10.39 फीसदी हिस्सेदारी है। हाल ही लिस्ट हुई अदाणी पावर चौथे नंबर पर है। अदाणी पावर की आईपीओ इंडेक्स में 8.28 फीसदी की हिस्सेदारी है। 8.23 फीसदी हिस्सेदारी के साथ पांचवें नंबर पर है आरईसी यानी ग्रामीण विद्युतीकरण निगम।
आईपीओ बाजार में 18 महीनों बाद कुछ रौनक लौटी है। और ऐसी उम्मदी की जा रही है कि आने वाले दिनों में कई सरकारी और निजी कंपनियां बाजार में लिस्ट होंगी। ऐसे में आईपीओ इंडेक्स निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
सोमवार, 24 अगस्त 2009
टोयोटा की नई स्पोर्ट्स कार 'फॉर्च्यूनर'
टोयोटा फॉर्च्यूनर के लांच के बाद भारतीय एसयूवी बाजार में मच गई है हलचल। क्योंकि टोयोटा ने कम कीमत पर अच्छे फीचर्स के साथ इस कार को लांच किया है। इस कार की दिल्ली में एक्सशोरूम कीमत है 18.45 लाख रुपए। इस कार में लगा है 3 लीटर का डीजल इंजन। जिसमें लगे टर्बोचार्जर देती है ज्यादा पावर। फॉर्च्यूनर में कई आधुनिक फीचर्स दिए गए हैं। फॉर्च्यूनर के स्पेशल फीचर्स में शामिल है ओवर हेड रियर सीट, ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, एयरकंडिशनिंग वेंट्स, क्रूज कंट्रोल और नेविगेटर। टोयोटा फॉर्च्यनर को तीन वैरिएंट्स और पांच कलर सुपर व्हाइट, सिल्वर माइका मैटेलिक, ग्रे माइका मैटेलिक, ब्लैक माइका और लाइट ब्लू मैटेलि में लांच किया गया है। कंपनी ने इस साल के अंत तक 2000 कार बेचने का लक्ष्य रखा है।
टोयोटा फॉर्च्यूनर का डैशबोर्ड कई एडवांस फीचर्स से लैस है। इसमें एक इंफोर्मेशन डिस्प्ले कंसोल लगाया गया है। जिसमें आप टाईम अपडेट, ड्राइविंग का डायरेक्शन, बाहर का टेम्परेचर जैसी जानकरी देख सकते हैं।
फॉर्च्यूनर फिलीपींस और मलेशिया सहित दुनिया के कई देशों में पहले से ही मजूद है और भारत में बिक्री के लिए इसे आयातित किया जाएगा। टोयोटा ने फॉर्च्यूनर को वर्ल्ड मार्केट में 2005 में लांच किया था। और दुनिया के 60 देशों में अबतक 2.5 लाख फॉर्च्यूनर बिक चुकी हैं।
भारतीय एसयूवी बाजार में टोयोटा फॉर्च्यून का सबसे ज्यादा टक्कर होग शेवरले कैप्टिवा, होंडा सीआर-वी और मित्सुबिशी पजेरो से।
शेवरले कैप्टिवा का भारतीय एसयूवी बाजार में पहले से दबदबा है। कैप्टिवा के इंजन में लगा है कॉमन रेल डायरेक्ट इंजेक्शन फ्यूल सिस्टम। ये कार ऑटोमैटिक और मैनुअल ट्रांसमिशन में मौजूद है। डीजल इंजन वाली ये कार प्रति लीटर शहर में 9 किलोमीटर और हाइवे पर 12 किलोमीटर का माइलेज देती है। इस कार की दिल्ली में एक्सशोरूम कीमत है 19 लाख 90 हजार रुपए।
टोयोटा के फॉर्च्यूनर को सबसे ज्यादा टक्कर मिलेगी जापान की ही कंपनी होंडा की एसयूवी सीआर-वी से। होंडा सीआर-वी में लगा है 2 और 2.4 लीटर का आई-वीटेक इंजन। जो देती है 141 वीएचपी का पावर। होंडा सीआरवी की कीमत 17 लाख से 19 लाख रुपए के बीच है।
एसयूवी के इस सेग्मेंट में एक और कार है मित्सुबिशी पजेरो। जिसमें लगा है 2.8 लीटर की टर्बोचार्ज इनलाइन फोर डीजल इंजन। जो देती है 117 बीएचपी का पावर। 5 स्पीड मैनुअल ट्रांसमिशल वाली पजेरो की शहर में माइलेज है 8 किलोमीटर जबकि हाइवे पर इसकी माइलेज है प्रति लीटर 11 किलोमीटर। मित्सुबिशी पजेरो की कीमत है 19 लाख 80 हजार रुपए।
टोयोटा ने तेजी से बढ़ते भारतीय एसयूवी बाजार में अपने पांव जमाने के लिए फॉर्च्यूनर को लांच कर दिया है। हालांकि पहले से मौजूद शेवरले कैप्टिवा, होंडा सीआर-वी और मित्सुबिसी पजेरो से इसे कड़ी टक्कर मिलने वाली है।
लेबल:
कैप्टिवा,
टोयोटा,
पजेरो,
फॉर्च्यूनर,
सीआर-वी
शनिवार, 8 अगस्त 2009
महंगाई की मार सरकार लाचार
दाल की कीमतें पिछले साल के मुकाबले दोगुना हो चुकी हैं। वहीं चावल की कीमतों में तेजी की शुरूआत हो चुकी है। तेल की कीमतें भी पिछले साल के मुकाबले ऊपर ही चढ़ती जा रही हैं।
पिछले साल अरहर दाल प्रति किलो मिल रही थी 48 रुपए में जो इस साल बढ़कर 86 रुपए पर पहुंच चुकी है। मूंग दाल 48 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 74 रुपए प्रति किलो पर जा पहुंची है। मूंग साबूत पिछले साल 50 रुपए प्रति किलो मिल रही थी। जो इस इस 70 रुपए प्रति किलो पर पहुंच चुकी है। काला मसूर भी एक साल में 48 रुपए से 70 रुपए पर पहुंच चुकी है। वहीं उड़द साबूत पिछले साल 48 रुपए प्रति किलो मिल रही थी। जो इस साल 68 रुपए प्रति किलो पर पहुंच चुकी है। परमल राइस की कीमत पिछले साल 17 रुपए प्रति किलो थी। जो इस साल बढ़कर 20 रुपए पर पहुंच चुकी है। चीनी 22 रुपए प्रति किलो से बढ़कर 29 रुपए प्रति किलो पर जा पहुंची है।
महंगाई से फिलहाल लोगों को निजात नहीं मिलने वाली है। ऐसा मानना है प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का। क्योंकि इसबार कम मॉनसून की वजह से खरीफ फसलों की बुआई कम हो पायी है। जिसका असर आने वाले दिनों में खाने पीने के सामानों की कीमतों पर देखी जा सकती है। मनमोहन सिंह महंगाई के मुद्दे पर राज्य के मुख्य सचिवों के साथ मीटिंग के बाद ये बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्यों को अपनी ओर से भी इस मुद्दे से निपटना चाहिए। कालाबाजारी और जमाखोरी को रोका जाना चाहिए। साथ ही प्रधानमंत्री ने मॉनसून की कमी को कुछ हद तक पूरा करने के लिए सूखा प्रभावित जिलों के किसानों को केंद्र की ओर से डीजल पर 50 फीसदी सब्सिडी देने का ऐलान किया है।
इसके साथ ही मनमोहन सिंह ने कही कि सूखे से प्रभावित राज्यों को सेंट्रल पूल से बिजली दी जाएगी। इस तरह की सहायता के ऐलान के बावजूद प्रधानमंत्री के संकेतों से साफ है कि महंगाई की समस्या आने वाले दिनों में और विकराल रुप ले सकती है। अभी तो दाल, चीनी, सब्जियों की कीमतें ही रुला रही हैं। लेकिन आने वाले दिनों में इस लिस्ट में चावल-मक्का जैसे कई और खाने पीने के सामान जुड़ जाएंगे। क्योंकि इस बार खराब मॉनसून की वजह से खरीफ फसलों की जब बुआई ही कम हो पायी है तो फसल कैसे अच्छी हो सकती है। हालांकि प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के पास अन्न के पर्याप्त भंडार हैं और देश में किसी को भूख से मरने नहीं दिया जाएगा। लेकिन किसानों में सुसाइड करने की शुरूआत कर दी है!
मॉनसून की बिजली किसानों पर
बुधवार, 5 अगस्त 2009
ब्लैकबेरी का चल गया जादू
ब्लैकबेरी का काला जादू ना केवल भारत में बल्कि दुनियाभर में सर चढ़कर बोल रहा है। ये वही फोन है जिसका इस्तेमाल दुनिया के सबसे ताकतवर आदमी यानी अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा भी करते हैं। और वही ब्रांड आप भी मात्र 14000 रुपए में खरीद सकते हैं। हालांकि ओबामा के मोबाइल को कंपनी ने स्पेशल तौर पे तैयार किया है। दुनियाभर में ब्लैकबेरी की बिक्री दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। ब्लैकबेरी ने मोबाइल बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी नोकिया के होश उड़ा दिए हैं।
2007 की चौथी तिमाही के मुकाबले 2008 की चौथी तिमाही में करीब 85 फसदी ज्यादा ब्लैकबेरी फोन बिके हैं। ब्लैकबेरी फोन कनाडा की एक कंपनी रिसर्च इन मोशन यानी रिम बनाती है। वहीं नोकिया की बिक्री में इस दौरान करीब 17 फीसदी की कमी आई है।
दुनियाभर में मोबाइल की बिक्री
चौथी तिमाही07
ब्लैकबेरी(रिम) 40,24,000
नोकिया 1,87,03000
चौथी तिमाही08
ब्लैकबेरी(रिम) 74,42,000
नोकिया 1,55,61000
फिनलैंड की कंपनी नोकिया मोबाइल बनाने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है। और दुनिया के कुल मोबाइल बाजार के 40 फीसदी से ज्यादा हिस्से पर अभी भी नोकिया का ही कब्जा है। और ब्लैकबेरी का मार्केट शेयर है करीब 10 फीसदी।
हालांकि जिस गति से नोकिया की बिक्री कम हो रही है। और ब्लैकबेरी सहित दूसरे मोबाइल फोन्स की बिक्री बढ़ रही है। उसे देखकर लगता है कि आने वाले दिनों में नोकिया को अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए काफी मेहनत करनी होगी।
लक्ष्मी मित्तल का घर किराए पर !
स्टील किंग और दुनिया के सबसे रईस लोगों में से एक लक्ष्मी मित्तल का लंदन स्थित घर 'समर पैलेस' किराए के लिए खाली है। लेकिन इसे रेंट पर हर कोई नहीं ले सकता। क्योंकि इस घर के लिए हर हफ्ते करीब 8 लाख रुपए किराए के तौर पर देना होगा। यानी महीने में 32 लाख रुपए। लक्ष्मी मित्तल का ये महलनुमा घर उत्तरी लंदन के हैंपस्टेड में है।
समर पैलेस को लक्ष्मी मित्तल ने 1996 में खरीदा था। समर पैलेस पूरे एक एकड़ में फैला है। लंदन के पॉश इलाके में बने इस घर में 11 बेडरूम और 12 बाथरूम है। इसके साथ ही ये घर जकूजी, स्टीम रूम जैसे कई सुविधाओं से लैश है। ग्लास लिफ्ट और स्विमिंग पूल इस घर की सुंदरता को और बढ़ा देता है।
13 साल पहले मित्तल ने इस लग्जरी समर पैलेस को लगभग 56 करोड़ रुपए में खरीदा था। लेकिन अब लक्ष्मी मित्तल अपने परिवार के साथ पश्चिमी लंदन के केनिंग्स्टन स्थित 15 बेडरूम के बंगले में शिफ्ट कर गए हैं। जो मित्तल ने फार्मूला वन के चैंपियन ड्राइवर बेर्ने एकलिस्टन से 400 करोड़ से कुछ अधिक की रिकॉर्ड कीमत में खरीदा था।
पिछले साल की आर्थिक मंदी और जरूरत न होने के कारण अब मित्तल अपना पुराना घर यानी समर पैलेस को बेचना चाहते हैं। लेकिन मित्तल को खरीदार नहीं मिल रहा है। क्योंकि उनकी डिमांड है करीब सवा तीन सौ करोड़ रुपए। यही वजह है कि अब उन्होंने अपने महल जैसे इस समर पैलेस को किराए पर देने का फैसला किया है।
आईफोन से लग सकता है बिजली का झटका !
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